नमस्ते! आजकल बाहर निकलते ही हवा में घुला धुआं और धूल-मिट्टी सीधे हमारी सेहत पर असर डाल रही है। अगर आपको भी सुबह उठते ही गले में खराश, सांस लेने में हल्की दिक्कत या आंखों में तेज जलन महसूस हो रही है, तो यह इस बात का संकेत है कि प्रदूषित हवा अपना असर दिखा रही है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि थोड़ी सी सावधानी रखकर आप खुद को काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस खराब हवा में आप अपना और अपने परिवार का ख्याल कैसे रख सकते हैं।
आंखों की जलन से राहत पाने के आसान घरेलू तरीके

जब हवा में प्रदूषण बढ़ जाता है, तो सबसे पहले हमारी आंखें इसकी चपेट में आती हैं। आंखों में खुजली, लालपन और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में दिनभर में कम से कम दो से तीन बार अपनी आंखों को सादे और ठंडे पानी से छींटे मारकर धोएं।
जब भी आप बाहर से घर लौटें, तो चेहरे और आंखों को अच्छी तरह साफ करना न भूलें। अगर आंखों की जलन बनी रहे या बढ़े, तो अपने मन से कुछ भी आंखों में न डालें और डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा, बाहर निकलते समय चश्मा पहनने की आदत डालें ताकि सीधी धूल और धुआं आपकी आंखों तक न पहुंच सके।
गले की खराश और खांसी से बचने के घरेलू नुस्खे
आंखों के साथ-साथ यह प्रदूषित हवा हमारे गले और फेफड़ों को भी नुकसान पहुंचाती है। गले में चुभन और सूखी खांसी होना आज के समय में बहुत आम हो गया है। इससे बचने के लिए गुनगुना पानी पीना सबसे बेहतरीन उपाय है। दिनभर थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी ही पिएं ताकि गला अंदर से साफ रहे।
आप चाहें तो खांसी की आयुर्वेदिक दवा Ayurvedic medicine for cough के बारे में जानकारी ले सकते हैं, लेकिन घर पर अदरक और शहद का एक छोटा टुकड़ा मुंह में रखकर चूसना गले की खराश में तुरंत आराम देता है। रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना भी सांस की नलियों को राहत पहुंचाता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।

सिर्फ उपाय करना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ जरूरी सावधानियां रखना भी उतना ही जरूरी है। जब बाहर प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा हो, तो सुबह की सैर पर जाने से थोड़ा बचना चाहिए। खासकर सुबह के सूरज की रोशनी से त्वचा को ये होते हैं फायदे! के बारे में हम जानते हैं, लेकिन अत्यधिक स्मॉग या धुंध होने पर घर के अंदर ही हल्की धूप का आनंद लेना बेहतर रहता है।
जब भी घर से बाहर निकलें, तो मुंह और नाक को सूती कपड़े या मास्क से अच्छी तरह ढक कर रखें। घर की खिड़कियों और दरवाजों को जरूरत पड़ने पर ही खोलें ताकि बाहरी धूल-मिट्टी अंदर कम से कम आ सके। अगर आपके घर में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, तो उनका खास ख्याल रखें क्योंकि उनका शरीर प्रदूषण के प्रति बहुत जल्दी संवेदनशील होता है।
खानपान और दिनचर्या में छोटे बदलाव
हमारी रसोई में रखी कुछ चीजें इस मौसम में शरीर को अंदर से मजबूत बनाने का काम करती हैं। तुलसी, अदरक और मुलेठी की चाय पीने से गले और फेफड़ों को अंदर से गर्माहट और राहत मिलती है। अपने खाने में ताजे फल और हरी सब्जियों को शामिल करें ताकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहें।
इसके अलावा, 50 की उम्र में भी खुद को फिट रखने के उपाय अपनाकर बड़े बुजुर्ग अपनी सेहत का खास ध्यान रख सकते हैं, क्योंकि कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को इस मौसम में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। तनाव से दूर रहें और पर्याप्त नींद लें ताकि शरीर अंदर से स्वस्थ और मजबूत बना रहे।
कोई भी निर्णय लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें, यहाँ सिर्फ जानकारी दी गई है।
अधिक जानकारी के लिए: who.int
